
![]()
*तुरैहा मछुआ समाज ने खोया अपना अनमोल रत्न, नहीं रहे जन-जन के नेता कॉमरेड मेवीराम तुरैहा*
✍️ भास्कर न्यूज टुडे✍️
प्रधान संपादक – आर.के. कश्यप
*रामपुर।*👉 आज तुरैहा मछुआ समाज संगठन के जिला मुख्यालय पर सन्नाटा पसरा था। आँखें नम थीं। समाज ने आज अपना वो अनमोल रत्न खो दिया, जिसने अपना पूरा जीवन समाज के नाम कर दिया था। संगठन के पूर्व संस्थापक, ओजस्वी वक्ता, माता संतोषी मंदिर श्री शिव कृष्णा मंदिर समिति के वरिष्ठ सदस्य, गरीबों और वंचितों की आवाज कॉमरेड मेवीराम तुरैहा जी के निधन से पूरे समाज में शोक की लहर है।
लंबी बीमारी के चलते मुरादाबाद के साईं हॉस्पिटल में इलाज के दौरान कल रात 2:30 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।
उनके निधन पर आज जिला मुख्यालय पर भावपूर्ण श्रद्धांजलि व शोक सभा का आयोजन किया गया।
*सड़क से सदन तक गूंजी थी उनकी आवाज*
शोक सभा में जिला अध्यक्ष कमल कुमार तुरैहा ने भावुक होते हुए कहा, “मेवीराम जी सिर्फ एक व्यक्ति नहीं, एक विचार थे, एक आंदोलन थे।”
उन्होंने कहा कि कॉमरेड मेवीराम तुरैहा जी का पूरा जीवन संघर्षमय रहा। जब समाज को दबाया गया, हक छीने गए, तब मेवीराम जी दीवार बनकर खड़े हुए। तुरैहा मछुआ समाज की जायज मांगों, हक और सम्मान के लिए उन्होंने कभी समझौता नहीं किया। समाज की आवाज को उन्होंने सड़क से लेकर सदन तक, यानी गांव की चौपाल से लेकर लखनऊ के दरबार तक बुलंद किया।
“बीमारी ने उनके शरीर को कमजोर कर दिया था, लेकिन उनके हौसले को नहीं। अंतिम दिनों तक, बिस्तर से उठकर भी वे संगठन की बैठक में आते थे और कहते थे – संगठन एकजुट रहेगा तो समाज मजबूत रहेगा। उनका जाना एक युग का अंत है, जिसकी भरपाई असंभव है।”
सभा में मौजूद हर व्यक्ति की आंख नम थी। सभी ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और संकल्प लिया कि उनके अधूरे सपनों और समाज के संघर्ष को आगे बढ़ाया जाएगा।
इस अवसर पर जिला महामंत्री राम सिंह तुरैहा एडवोकेट, अजय कुमार प्रधान, अर्जुन कुमार तुरैहा, डॉक्टर कृपाल सिंह तुरैहा, धर्म सिंह, विनोद कुमार एडवोकेट सभासद, कमल कुमार मुन्ना, पवन कश्यप, पप्पू तुरैहा, राधेश्याम, मदन मोहन तुरैहा, कोमल तुरैहा, प्रीतम तुरैहा, अरविन्द कुमार, अर्जुन सिंह तुरैहा, रामकिशोर तुरैहा सहित सैकड़ों समाज बंधु उपस्थित रहे।
































