

![]()
*शिकारियों के जाल में फंसे तेंदुए के शावक की मौत*
*वन विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल, पशु प्रेमी संगठनों में आक्रोश*
✍️भास्कर न्यूज़ टुडे✍️
👁️प्रधान संपादक👁️
👁️आर के कश्यप👁️
रामपुर। 👉मसवासी क्षेत्र के हुसैनगंज गद्दीनगली गांव के जंगल में शिकारियों द्वारा लगाए गए अवैध तार के फंदे में फंसे तेंदुए के शावक की सोमवार दोपहर उपचार के दौरान मौत हो गई। वन विभाग ने रविवार को कड़ी मशक्कत के बाद शावक को रेस्क्यू किया था, लेकिन गंभीर चोटों के कारण उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। शावक की उम्र करीब ढाई से तीन वर्ष बताई जा रही है।
घटना के बाद पशु प्रेमी संगठनों, विशेषकर पीपुल फॉर एनिमल्स में गहरा आक्रोश व्याप्त है। संगठनों का आरोप है कि यदि समय रहते निगरानी और कार्रवाई होती तो शावक की जान बचाई जा सकती थी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रविवार को पेट्रोलिंग के दौरान विद्युत विभाग के कर्मियों ने जंगल में तेंदुए के शावक को दर्द से करहाते हुए देखा। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। जांच में सामने आया कि शावक शिकारियों द्वारा लगाए गए तार के फंदे में बुरी तरह उलझा हुआ था। फंदे से निकलने के प्रयास में वह लगातार संघर्ष करता रहा, जिससे उसके शरीर के पिछले हिस्से और रीढ़ की हड्डी को गंभीर क्षति पहुंची।
वन विभाग की टीम ने काफी मशक्कत के बाद शावक को फंदे से मुक्त कराया और उपचार के लिए सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया। मौके पर मौजूद पशु चिकित्सक डॉ. ताराचंद द्वारा प्राथमिक उपचार किया गया। चिकित्सकों के अनुसार, रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट लगने के कारण शावक चलने-फिरने में पूरी तरह असमर्थ हो गया था और उसकी हालत लगातार नाजुक बनी हुई थी। सोमवार दोपहर उपचार के दौरान शावक ने दम तोड़ दिया। मौत की सूचना मिलते ही वन विभाग के अधिकारियों, ग्रामीणों और पशु प्रेमियों में शोक की लहर दौड़ गई। वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत आवश्यक कानूनी कार्रवाई करते हुए शव का पोस्टमार्टम कराया गया तथा विधि-विधान से अंतिम निस्तारण किया गया। इस घटना ने एक बार फिर जंगलों में वन्यजीवों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पशु प्रेमी संगठनों का कहना है कि क्षेत्र में अवैध शिकार की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, लेकिन वन विभाग की गश्त और निगरानी महज़ औपचारिकता बनकर रह गई है। इस संबंध में रेंजर ठाकुर विजय कुमार ने बताया कि तेंदुए के शावक की मौत अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि शावक अवैध रूप से लगाए गए तार के फंदे का शिकार हुआ। मामले की गहन जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जंगलों में गश्त बढ़ाई जाएगी और अवैध शिकार रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। मौके पर एसडीओ वन ओम प्रकाश राम सहित अन्य वन अधिकारी भी मौजूद रहे।







































