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*रामपुर में बड़े पैमाने पर संपत्ति धोखाधड़ी का आरोप, 19 लोगों पर एफआईआर दर्ज*
✍️भास्कर न्यूज़ टुडे✍️
👁️प्रधान संपादक👁️
👁️आर के कश्यप👁️
रामपुर। थाना कोतवाली पुलिस ने 14 जनवरी 2026 को दर्ज की गई पहली सूचना रिपोर्ट के आधार पर शहर के एक इलाके में संपत्ति से जुड़ी बड़ी धोखाधड़ी और धमकी मामले की जानकारी दी है। शिकायत में आरोप है कि एक भूमि व संपत्ति की जालसाजी कर फर्जी रूप से बिक्री का प्रयास किया गया, जिसमें कुल 19 नामजद लोगों का नाम है।
शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि उनके चाचा और चाची सहित कई लोगों ने शहर के मिस्टन गंज, कुंछा लंगर खाना इलाके स्थित संपत्ति को जालसाजी से बेचने की कोशिश की। आरोपियों के परिवार में एक से अधिक पीढ़ी शामिल है—कई पुरुष, महिलाएँ व नाबालिग—जिनके नाम एफआईआर में विस्तार से दर्ज हैं। आरोपों में बताया गया कि यह संपत्ति चार सौ बीसी में बेचने की चक्रीकरण रची जा रही थी और शिकायतकर्ता व उनके भाई को जब इस बारे में जानकारी हुई, तो वे उक्त संपत्ति पर गए। वहां उनके चाचा व चाची ने पहचान से इनकार किया, साथ ही उनकी पिटाई, गाली गलौच और पुलिस में शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी भी दी।
एफआईआर में उल्लिखित धाराओं में भारतीय दण्ड संहिता 318(4), 338, 336(3), 340(2), 115(2), 351(2), 352, 324(5) सहित कई गंभीर प्रावधान शामिल हैं। घटनाक्रम 8 अक्टूबर 2025 के दिन का बताया गया है, जब शिकायतकर्ता का कहना है कि घटना के समय आरोपित संपत्ति के साथ फर्जी दस्तावेज तैयार कर उसे बेचने का प्रयास कर रहे थे।
पुलिस ने मामले पर आगे की जांच जारी रखने का उल्लेख किया है। एफआईआर के अनुसार, घटना की जानकारी मिलने पर शिकायतकर्ता ने 13 जनवरी 2026 को प्रार्थना पत्र के माध्यम से पुलिस को सूचित किया। पुलिस अब आरोपियों की पहचान, फर्जी दस्तावेजों की सत्यता और धमकी व मारपीट के संबंध में साक्ष्य जुटा रही है।
इस मामले से रामपुर में संपत्ति लेन-देन में व्याप्त धोखाधड़ी और परिवारिक विवाद का आयाम सामने आया है। आरोपितों की संख्या, फर्जी दस्तावेज और धमकी की बात से स्पष्ट है कि जांच गहरी और विस्तृत होगी। स्थानीय लोग और संपत्ति मालिक भी इस तरह के मामलों पर सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं।
