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*रामपुर में मां दुर्गा के सातवें स्वरूप मां कालरात्रि की विधि-विधान से आराधना, कोसी मंदिर दशमाघाट महाकाली दरबार में विश्व कल्याण के लिए की गई विशेष पूजा और यज्ञ*
*गणेश वंदना, दुर्गा सप्तशती और कवच पाठ के साथ गूंजे जयकारे, विश्व में सुख-समृद्धि और शांति की हुई कामना*
✍️*भास्कर न्यूज़ टुडे*✍️
*प्रधान संपादक- आर के कश्यप*
*रामपुर (भास्कर न्यूज़ टुडे)।*👉शारदीय नवरात्रि के सातवें दिन रामपुर स्थित प्रसिद्ध *कोसी मंदिर दशमाघाट महाकाली दरबार* में मां दुर्गा के सातवें स्वरूप *मां कालरात्रि* की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। इस पावन अवसर पर दरबार को भव्य रूप से सजाया गया और सुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहा।
पुजारी और भक्तों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मां कालरात्रि की आराधना कर *विश्व कल्याण, सुख-समृद्धि और शांति* की कामना की। पूजन की शुरुआत *गणेश वंदना* से हुई, इसके बाद *दुर्गा स्तुति, दुर्गा सप्तशती पाठ और कवच का पाठ* किया गया।
पूजन के दौरान मां को *पुष्प, मेवा, मिष्ठान, पान, सुपारी, इलायची, नारियल और श्रृंगार सामग्री* अर्पित की गई। इसके बाद *जगत कल्याण की भावना से यज्ञ में आहुतियां* अर्पित की गईं, जिसमें भक्तों ने जनकल्याण और सर्वे भवन्तु सुखिनः की प्रार्थना की।
*भक्ति में डूबा दरबार:*
यज्ञ के बाद सभी श्रद्धालुओं ने मिलकर भजन-कीर्तन कर मां की महिमा का गुणगान किया और *महा आरती* की। “जय मां कालरात्रि, जय महाकाली” के जयकारों से पूरा दशमाघाट क्षेत्र भक्तिमय हो गया। वातावरण में शंख, ढोल और घंटियों की ध्वनि से दिव्यता का एहसास हो रहा था।
*इस अवसर पर मौजूद रहे:*
महाकाली दरबार के सेवादार सोनू प्रजापति, कमल कुमार तुरैहा, जागन सैनी, राजीव चंद्र, राम श्रीवास्तव, धर्मेंद्र प्रजापति, विजय सैनी, विष्णु शर्मा, इंद्र प्रसाद, दीपक सहित बड़ी संख्या में सहयोगी भक्त और श्रद्धालु मौजूद रहे। सभी ने एक साथ मां कालरात्रि से सभी के सुख, समृद्धि और कल्याण की कामना की।
*मान्यता:*
शास्त्रों के अनुसार मां कालरात्रि दुष्टों का विनाश करने वाली और अपने भक्तों को अभय देने वाली हैं। इनकी आराधना से नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है और जीवन में साहस व आत्मविश्वास की वृद्धि होती है।
































