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*बाल विवाह मुक्त भारत राष्ट्रीय अभियान के अन्तर्गत 100 दिवसीय विशेष कार्यक्रम संचालित*
✍️भास्कर न्यूज़ टुडे✍️
🙏प्रधान संपादक🙏
🙏आर के कश्यप🙏
रामपुर : 👉 बाल विवाह की रोकथाम एवं जन जागरूकता के उद्देश्य से बाल विवाह मुक्त भारत राष्ट्रीय अभियान के अन्तर्गत 100 दिवसीय विशेष कार्यक्रम का संचालन 08 मार्च 2026 तक किया जाना है। निर्धारित कार्यक्रमों/गतिविधियों में यदि कोई शासकीय अवकाश पड़ता है, तो संबंधित कार्यक्रम/गतिविधि को अगले कार्य दिवस में आयोजित किया जाएगा।
जिला प्राबेशन अधिकारी श्री ईरा आर्या ने बताया कि अभियान को तीन चरणों में संचालित किया जायेगा। उन्होंने बताया कि प्रथम चरण में 31 दिसम्बर 2025 तक समस्त खण्ड विकास अधिकारी कार्यालयों, कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय (नगर एवं ग्रामीण क्षेत्र), आश्रम पद्धति विद्यालयों, राजकीय एवं निजी प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, माध्यमिक विद्यालयों, कॉलेजों एवं विश्वविद्यालयों में छात्र-छात्राओं, शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं विद्यालय प्रबंधन के मध्य प्रतिज्ञा एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि द्वितीय चरण में 01 से 31 जनवरी 2026 ब्लॉक परिसर चमरौआ, शिव मंदिर भमरौआ/रठौड़ा, गुरुद्वारा साहिब रामपुर/बिलासपुर, ग्राम पंचायत गुजरेला (थाना भोट), जिला महिला चिकित्सालय/गिरजाघर, मजार हाफिज शाह जमाल उल्लाह रामपुर, बगदादी शाह मजार, समस्त प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, चयनित ग्राम पंचायतें, राजकीय एवं निजी विद्यालय, जिला बाल संरक्षण इकाई/चाइल्ड हेल्पलाइन में धार्मिक नेताओं एवं विभिन्न धर्मों के श्रद्धालु समुदायों के साथ प्रवचन, विशेष प्रार्थना/सभाओं का आयोजन किया जाएगा। इसके अतिरिक्त विवाह से जुड़े मैरिज हॉल, बैंक्विट हॉल, बैंड पार्टी, डीजे, कैटरर्स, फोटोग्राफर, टेंट हाउस आदि के माध्यम से भी बाल विवाह के दुष्परिणामों एवं संबंधित कानूनों पर प्रकाश डालते हुए जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि तृतीय चरण में 01 फरवरी से 08 मार्च 2026 तक वन स्टॉप सेंटर, कांशीराम कॉलोनी (पहाड़ी गेट/शाहबाद गेट), नगर पालिका एवं नगर पंचायत, विकास खण्ड मिलक व चमरौआ, समस्त ग्राम पंचायत एवं पंचायत भवनों में ग्राम पंचायत/नगर निकाय स्तर पर जन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रमों में ग्राम पंचायत सदस्य, ग्राम सभा, वार्ड सदस्य, पार्षद, स्वयंसेवी कार्यकर्ता तथा जोखिमग्रस्त परिवार को विशेष रूप से गरीबी, सामाजिक बहिष्कार एवं परम्परागत प्रथाओं के कारण बाल विवाह के जोखिम में रहने वाले परिवार को लक्षित किया जाएगा।
अभियान के माध्यम से बाल विवाह के विरुद्ध व्यापक जन-जगरूकता उत्पन्न कर समाज को इस कुप्रथा से मुक्त करने का प्रयास किया जाएगा।
