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*हिम्मतनगर में भाकियू (अंबावता) की महापंचायत में गरजे किसान, खाद के दाम और गन्ने के रेट को लेकर सरकार पर साधा निशाना, 600 रुपये क्विंटल गन्ना रेट की मांग*
*हनीफ वारसी ने कहा – फसलों का दाम नहीं बढ़ा, महंगाई ने तोड़ी कमर, खराब फसलों का मुआवजा नहीं मिला तो होगा बड़ा आंदोलन*
✍️*भास्कर न्यूज़ टुडे*✍️
*प्रधान संपादक- आर के कश्यप*
बिलासपुर । रामपुर 👉रविवार दिनांक 1 नवंबर 2025 को भारतीय किसान यूनियन (अंबावता) की एक विशाल किसान पंचायत ग्राम हिम्मतनगर में संपन्न हुई। पंचायत की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष मोहम्मद सलीम वारसी ने की और संचालन युवा प्रांतीय उपाध्यक्ष मुराद खान ने किया।
पंचायत में किसानों के ज्वलंत मुद्दों पर जमकर चर्चा हुई। मुख्य मुद्दे रहे – *एम.पी. खाद के 12:32:16 के कट्टे पर सरकार द्वारा बढ़ाए गए दाम, 550 रुपये की बढ़ोतरी, गन्ने का रेट न बढ़ना, खराब फसलों का मुआवजा न मिलना और बढ़ती महंगाई।*
*प्रमुख राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मोहम्मद हनीफ वारसी ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा* कि केंद्र और प्रदेश सरकार ने खाद के दामों में बेतहाशा वृद्धि कर दी है, जिसकी हम कड़ी निंदा करते हैं। सरकार किसानों की फसलों के दाम नहीं बढ़ा रही है, लेकिन खाद, कीटनाशक दवाएं और कृषि यंत्रों के दाम आसमान छू रहे हैं। बढ़ती महंगाई ने किसान-मजदूर की कमर तोड़ दी है। शासन-प्रशासन द्वारा खराब फसलों का मुआवजा अभी तक पूरा नहीं दिया गया है, जिससे किसानों में भारी आक्रोश है।
*जिला महासचिव सरदार मक्खन सिंह चौहान ने कहा* कि वन विभाग द्वारा भ्रष्टाचार और मनमानी चरम पर है, सरकारी जंगलों को लगातार नुकसान पहुंचाया जा रहा है। इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
*प्रमुख जिला महासचिव रईस अहमद ने कहा* कि संगठन हमेशा तानाशाही के खिलाफ रहा है। किसानों पर अत्याचार और किसानों का अपमान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने मांग की कि उत्तर प्रदेश सरकार गन्ना किसानों को *600 रुपये प्रति क्विंटल गन्ने का रेट* दे और किसान-मजदूर को कर्ज मुक्त करे।
पंचायत में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि अगर सरकार ने जल्द ही खाद के दाम वापस नहीं लिए और गन्ने का रेट नहीं बढ़ाया तो संगठन बड़ा आंदोलन करने को बाध्य होगा।
*पंचायत में प्रमुख रूप से उपस्थित रहे:* आफताब आलम एडवोकेट, हाजी शराफत अली, इमरान खान, आरिफ अली, हाजी हबीब वारसी, जाकिर अली वारसी, जमुना प्रसाद, धर्मदास, पप्पू दिवाकर, डॉ. जयपाल सिंह, शाहरुख मियां, बिलाल मियां, अलवेज खान, हड़ताल सिंह यादव, मुकेश श्रीवास्तव, रेखा रानी, जानकी प्रसाद, सुहेल पांडे, गौरी बेगम, आरिफा बेगम, फरजाना बेगम सहित सैकड़ों किसान मौजूद रहे।
































