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*मेहंदीपुर बालाजी के रात्रि दरबार में दिव्यता और भक्ति का अद्भुत संगम, प्रथम दिन की यात्रा रही अविस्मरणीय*
✍️ *भास्कर न्यूज़ टुडे*✍️
*प्रधान संपादक/ आर के कश्यप*
*मेहंदीपुर बालाजी धाम, राजस्थान | 12 सितंबर 2026*
👉संकटमोचन श्री मेहंदीपुर बालाजी महाराज के पावन धाम में चल रही विशेष आध्यात्मिक यात्रा का प्रथम दिन दिव्यता, भक्ति और चमत्कार का अविस्मरणीय संगम बन गया। देर रात्रि तक चले अलौकिक रात्रि दरबार ने हर भक्त के हृदय को भाव-विभोर कर दिया।
इस विशेष यात्रा में बिलासपुर से पधारे प्रसिद्ध भक्त *श्री उपकार गोयल जी* ने दरबार में अपने हृदय के भाव प्रकट किए। उन्होंने कहा कि बालाजी महाराज के दरबार का हर दृश्य अपने आप में एक चमत्कार है।
अपने भाव प्रकट करते हुए उपकार गोयल जी ने कहा –
*”मैं तो कई बार महाराज के दरबार में आ चुका हूँ, पर इस बार रात्रि दरबार का जो दिव्य स्वरूप देखा, उसने आत्मा को झकझोर दिया। यहाँ लोग अपने कष्टों, पीड़ाओं और संकटों को लेकर रोते-रोते आते हैं और महाराज की कृपा से हँसते हुए जाते हैं। कलयुग में यही एक ऐसा सच्चा दरबार है जहाँ साक्षात चमत्कार होते हुए देखा जा सकता है। यह प्रभु श्रीराम की अपने भक्तों पर सबसे बड़ी कृपा है।”*
उन्होंने आगे बताया कि जब उन्होंने अपनी आँखों से भक्तों को संकटों से मुक्त होते और खुशी से झूमते हुए देखा, तो उनका मन भी अपार श्रद्धा और आनंद से भर उठा।
रात्रि दरबार का दृश्य अत्यंत मनोहारी था। एक ओर विभिन्न नगरों से आई भक्त मंडलियों के मधुर भजन-कीर्तन और _’जय श्री राम – जय बालाजी महाराज’_ के गगनभेदी जयघोषों से सम्पूर्ण धाम गूंज रहा था, तो दूसरी ओर अपने दुखों से मुक्ति की आस में बैठे श्रद्धालुओं की अटूट आस्था ने वातावरण को अत्यंत भावुक बना दिया था।
इस दिव्य क्षण में हर भक्त के मन में एक ही प्रार्थना थी –
“हे बालाजी महाराज, जो भी भक्त आपके दरबार में अपनी पीड़ा लेकर आया है, उसके समस्त संकट हर लेना और उसके जीवन में सुख, शांति, स्वास्थ्य और नई आशा का प्रकाश भर देना।”
यह अनुभव सिद्ध करता है कि श्री मेहंदीपुर बालाजी का दरबार केवल दर्शन का स्थल नहीं, अपितु विश्वास और आस्था का वह जीवंत केंद्र है, जहाँ पहुँचकर मन स्वतः ही महाराज के श्रीचरणों में समर्पित हो जाता है। प्रथम दिन की इस यात्रा ने सभी भक्तों में नई ऊर्जा और भक्ति का संचार कर दिया है।
































