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*धान क्रय केंद्रों पर सत्यापन के नाम पर किसानों को तहसील के चक्कर से मिले मुक्ति, यूनियन ने उठाई मांग*
✍️*भास्कर न्यूज़ टुडे*✍️
*प्रधान संपादक- आर के कश्यप*
*रामपुर।* 👉भारतीय किसान क्रांति यूनियन ने प्रशासन से मांग की है कि धान क्रय केंद्रों पर किसानों के सत्यापन की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और पूरी तरह ऑनलाइन किया जाए, ताकि किसानों को बार-बार लेखपाल और तहसीलदार के कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
यूनियन के जिलाध्यक्ष हरीशंकर यादव ने कहा कि वर्तमान व्यवस्था में धान बेचने के लिए किसानों को सत्यापन के नाम पर कभी लेखपाल तो कभी तहसीलदार के पास जाना पड़ता है। कई बार किसानों को कई-कई दिनों तक तहसील के चक्कर लगाने पड़ते हैं। इससे किसानों का समय और पैसा दोनों बर्बाद होता है और खेती-किसानी के जरूरी काम भी प्रभावित होते हैं।
हरीशंकर यादव ने सुझाव दिया कि धान क्रय केंद्रों पर पंजीकृत किसानों का सत्यापन ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से निर्धारित समय सीमा के अंदर स्वतः लेखपाल और तहसीलदार की आईडी पर भेजा जाए। संबंधित अधिकारी अपनी आईडी से निर्धारित समय में सत्यापन पूरा करें। यदि निर्धारित समय में सत्यापन नहीं होता है, तो मामला स्वतः उच्च अधिकारियों के संज्ञान में पहुंचना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सत्यापन में अनावश्यक देरी और कथित मिलीभगत के कारण किसानों को परेशानी उठानी पड़ती है। नई व्यवस्था लागू होने से अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी, अनावश्यक हस्तक्षेप और भ्रष्टाचार की संभावना कम होगी और किसान को बिना सिफारिश या सांठगांठ के उसका अधिकार मिल सकेगा।
*यूनियन की प्रमुख मांगें:*
– धान खरीद के लिए सत्यापन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन की जाए।
– लेखपाल और तहसीलदार के सत्यापन के लिए समय सीमा निर्धारित हो।
– समय सीमा पूरी होने पर स्वतः रिमाइंडर और उच्च अधिकारियों को सूचना भेजी जाए।
– किसान को सत्यापन के लिए बार-बार तहसील के चक्कर लगाने से मुक्ति मिले।
– सत्यापन की स्थिति किसान अपने मोबाइल से ऑनलाइन देख सके।
– बिना उचित कारण सत्यापन रोकने या लंबित रखने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।
हरीशंकर यादव ने कहा, किसान पहले ही अपनी फसल तैयार करने में दिन-रात मेहनत करता है। सरकार का दायित्व है कि उसकी उपज बेचने की प्रक्रिया आसान बनाए, न कि उसे सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने के लिए मजबूर करे। किसान सम्मान और पारदर्शी व्यवस्था चाहता है, कोई एहसान नहीं।
































