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*बिलासपुर तहसील में भारतीय किसान यूनियन अंबावता का हल्ला-बोल: बर्बाद फसल के मुआवजे और वन विभाग के खिलाफ SDM को ज्ञापन, नायब तहसीलदार ने दिया आश्वासन*
✍️*भास्कर न्यूज़ टुडे*✍️
*प्रधान संपादक- आर के कश्यप*
बिलासपुर । रामपुर 👉 सोमवार दिनांक 12 अक्टूबर 2026 को भारतीय किसान यूनियन (अंबावता) के कार्यकर्ता-पदाधिकारी बिलासपुर तहसील परिसर स्थित पार्क में एकत्र हुए। किसानों ने अपनी समस्याओं को लेकर पार्क में दरियां बिछाकर धरना दिया।
👉*बर्बाद फसल और वन विभाग के भ्रष्टाचार के खिलाफ नारेबाजी*
जिला अध्यक्ष *मोहम्मद सलीम वारसी* के नेतृत्व में किसान पार्क से नारेबाजी करते हुए तहसील परिसर पहुंचे और जोरदार प्रदर्शन किया। किसानों की आवाज सुनकर नायब तहसीलदार मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसानों से वार्ता की, उप जिलाधिकारी के न होने की जानकारी दी और सभी समस्याओं का अति शीघ्र समाधान करने का आश्वासन दिया। मौके पर ही उन्होंने लेखपालों को फोन कर तुरंत कार्यवाही के निर्देश दिए।
धरने को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष मोहम्मद सलीम वारसी ने कहा —
_”इस बार एक महीने के अंदर दो बार ओला-तूफान और बारिश से किसानों की फसल पूरी तरह नष्ट हो गई है, जिससे किसान को गहरा सदमा लगा है।”_
👉*किसानों की 5 प्रमुख मांगें:*
👉1. नष्ट हुई फसलों का मुआवजा *प्रति हेक्टेयर ₹1,00,000* दिया जाए।
👉2. किसानों की खराब स्थिति को देखते हुए *किसान कर्ज पूर्ण रूप से माफ* किया जाए और खेती के लिए *प्रति किसान ₹5 लाख* की सहायता दी जाए।
👉3. खाद, बीज, कीटनाशक दवाएं, डीजल और कृषि मशीनरी पर *70% सब्सिडी* दी जाए।
👉4. प्रशासन ने वादा किया था कि *1 अक्टूबर से धान क्रय केंद्र चालू* होंगे, लेकिन अभी तक चालू नहीं हुए। इससे आढ़ती औने-पौने दाम पर धान खरीद रहे हैं — यह किसानों के साथ धोखा है। तुरंत क्रय केंद्र चालू किए जाएं।
👉5. वन विभाग पर गंभीर आरोप — तूफान से गिरे पेड़ों को जो नेशनल हाईवे/सड़कों पर गिरे थे, वन विभाग के अधिकारियों ने काटकर बेच दिया और सरकारी संपत्ति को अपनी जेब में भर लिया। वन विभाग ने प्राइवेट लोगों को बिना वेतन के रखा है, जो रात में लकड़ी काटकर अधिकारियों की मिलीभगत से बेच रहे हैं। कई जगह माली की नौकरी वालों को फॉरेस्ट गार्ड बना दिया गया है, जो नियम विरुद्ध है। इसकी जांच कर कड़ी कार्रवाई की जाए।
👉*धरना-प्रदर्शन में ये रहे मौजूद:*
युवा जिलाध्यक्ष मोहम्मद आसिम रजा, अजायब सिंह गिल, जीत सिंह, साबिर अली, रेखा रानी, कालिदास जी, आरिफ, तुफैल अहमद, रईस अहमद, सुंदर सिंह, रिजवान अली, पतलू, भाषण, असलम, जमुना प्रसाद, सचिन, गेदल लाल, नरेश कुमार, गुफरान अली, मुराद खान, आरिफ अली, सिद्दीक अहमद, सेबू, हरदीप सिंह, सुरेंद्र सिंह, मुबारक हसन सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
































