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*बिलासपुर में आबकारी नियमों की खुलेआम धज्जियां: ओवर रेट शराब, ढाबों में अहातों का अवैध संचालन, जिम्मेदार मौन*
✍️*भास्कर न्यूज़ टुडे ✍️- विशेष रिपोर्ट*
*प्रधान संपादक: आर के कश्यप*
*बिलासपुर, रामपुर | 04 सितम्बर 2026*
👉उत्तर प्रदेश सरकार जहां राजस्व वृद्धि और नशामुक्ति के लिए पारदर्शी आबकारी नीति लागू करने का दावा कर रही है, वहीं जनपद रामपुर के तहसील बिलासपुर में इसके उलट तस्वीर सामने आ रही है। कस्बे की देशी और अंग्रेजी शराब की दुकानों पर निर्धारित फुटकर बिक्री मूल्य से अधिक दाम पर शराब बेची जा रही है और हाईवे किनारे ढाबे अवैध बार के रूप में संचालित हो रहे हैं।
👉*ग्राउंड रिपोर्ट के मुख्य बिंदु:*
👉*1. MRP से अधिक वसूली:*
कस्बे की दोनों दुकानों पर प्रत्येक बोतल/क्वार्टर पर 10 से 30 रुपये तक ओवर रेट वसूला जा रहा है। विरोध करने पर सेल्समैन द्वारा अभद्रता की जाती है। किसी भी ग्राहक को स्कैन योग्य पक्का बिल नहीं दिया जा रहा, जो GST और आबकारी अधिनियम का सीधा उल्लंघन है।
👉*2. ढाबों पर अवैध अहाता:*
रामपुर-रुद्रपुर मार्ग पर स्थित आधा दर्जन से अधिक ढाबों पर खुलेआम शराब परोसी जा रही है। ढाबा संचालक दुकानों से थोक में शराब उठाकर दोगुने दाम पर पिलाते हैं। इससे सड़क दुर्घटनाओं, मारपीट और अशांति की घटनाएं बढ़ी हैं। आबकारी अधिनियम की धारा 24 के अनुसार बिना लाइसेंस परिसर में शराब पिलाना दंडनीय अपराध है।
👉*3. विभागीय मिलीभगत का आरोप:*
स्थानीय नागरिकों का गंभीर आरोप है कि यह अवैध कारोबार आबकारी विभाग के क्षेत्रीय अधिकारियों की अनदेखी और मोटे कमीशन के लेन-देन के बिना संभव नहीं है। नियमित जांच न होने से अनुज्ञापियों के हौसले बुलंद हैं।
👉*कानूनी स्थिति:*
उत्तर प्रदेश आबकारी अधिनियम 1910 के तहत ओवर रेटिंग पर 10,000 रुपये तक जुर्माना और लाइसेंस निरस्तीकरण का प्रावधान है। वहीं बिना लाइसेंस शराब पिलाने पर 6 माह तक का कारावास और जुर्माने का प्रावधान है।
👉*प्रशासन से मांग:*
क्षेत्र के संभ्रांत नागरिकों, व्यापार मंडल और किसान संगठनो,सामाजिक संगठनों ने जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी और आयुक्त आबकारी से मांग की है कि:
👉(अ) बिलासपुर की सभी शराब दुकानों का औचक निरीक्षण कर रेट लिस्ट, स्टॉक रजिस्टर और CCTV फुटेज की जांच की जाए।
👉(ब) अवैध रूप से शराब परोसने वाले ढाबों को तत्काल सील कर FIR दर्ज की जाए।
👉(स) दोषी आबकारी कर्मियों की भूमिका की जांच कर विभागीय कार्रवाई की जाए।
यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो स्थानीय नागरिक जनसुनवाई पोर्टल और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 पर सामूहिक शिकायत दर्ज कराएंगे।
































